[200+]हिंदी शायरी दो लाइन |Two Line Shayari in Hindi with images | दो लाइन शायरी

हिंदी शायरी दो लाइन with images |Two Line Shayari in Hindi | दो लाइन शायरी हिंदी मैं  

बेस्ट हिंदी शायरी दो लाइन -हेलो एंड नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका आज के इस फ्रेश और बेहतरीन पोस्ट में, आज के इस पोस्ट में हम आपके लिए लाये है बेहतरीन और प्यार भरा सभी प्रकार के दो लाइन शायरी, 2 लाइन शायरी, दो हिंदी में लाइन शायरी, हिंदी में 2 लाइन शायरी, हिंदी शैरी दो लिन, दो लाइन शायरी, 2 लाइन्स शायरी, शॉर्ट शायरी, लाइन शायरी, हिंदी शायरी दो लाइनें, बेस्ट 2 लाइन शायरी, शायरी 2 लाइन, शायरी 2 लाइन्स, द रेखा हिंदी शायरी, हिंदी में दो लाइन सर्वश्रेष्ठ शायरी, हिंदी शायरी, सर्वश्रेष्ठ दो लाइन शायरी, दो लाइन्स शायरी, 2 लाइन शायरी, शायरी दो लाइन्स और 2 लाइन लव शायरी लेकर आआड़ी।

प्यार में प्रेमी जोड़े के लिए दो लाइनें शायरी इसलिए लेकर आये है की कभी कभी प्यार करने वालो को अपने पार्टनर के साथ कुछ दिल की बात करना चाहते है तो ऐसे में वो खुद से डरते रहते है की अपनी बात बोलू या नहीं बोलू तो इसी जगह पर काम आता है आपको 2 लाइन शायरी वाला स्टेटस आप अपने दिल की बात को अपने पार्टनर से कह सकते है वो भी मात्र दो लाइन प्यार शायरी की मदद से यदि आपके पार्टनर में थोड़ा भी ज्ञान होगा तो वो आपकी भावनाओ को समझ जायेगा बिना देर किये ।

दोस्तों यदि आप प्यार करने के शुरुआती दौर में है और आप लम्बा लम्बा शायरी बोल के अपने पार्टनर को खुश करना चाहते है तो ऐसे में आपके पार्टनर को बुरा लग सकता है, दोस्तों यहाँ पर ध्यान देने की बात है की प्यार में छोटी मोटी बातो पर रूहना मनाना तो आप जागों में रहते हैं क्या आप सब सब सब नहीं करते हैं और 2 लाइन शायरी इन हिंदी को लेकर आआड़ी।

हिंदी शायरी दो लाइन

ये रंग हमारे चेहरों के चन्द लम्हों में धुल जाते हैं
पर नहीं धुलते वो रंग कभी जो दिलों में घुल जाते हैं
दो लफ्ज़ में मैं बयां करू अपनी प्रेम कहानी
तुझसे मेरी मुझसे तेरी जिंदगानी
तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समझा,
वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
मंजिलें भी जिद्दी हैं, रास्ते भी जिद्दी हैं
देखतें हैं आज क्या हो,हौंसले भी जिद्दी हे
वो साथ थे तो एक लफ़्ज़ ना निकला लबों से
दूर क्या हुए कलम ने क़हर मचा दिया
दुनिया फ़रेब करके हुनरमंद हो गई,
हम ऐतबार करके गुनाहगार हो गए।

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
मेरी मजबूरियाँ क्या पूछते हो
कि जीने के लिये मजबूर हूँ मैं.
चंद अल्फाज़ में बयां कर देती है हाले दिल
कभी कभी ये शायरी भी बड़े काम आती है
जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं

 

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
तू मेरे साथ होगा तो क्या कहेगा जमाना
मेरी यही एक तमन्ना और तेरा यही एक बहाना
अगर बिकने पे आ जाओ तो घट जाते हैं दाम अक्सर,
न बिकने का इरादा हो तो क़ीमत और बढ़ती है
किसी को तलाशते तलाशते खुद को खो देना,
आंसा है क्या आशिक हो जाना।

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
ज़िन्दगी -लोग जिसे मरहम-ए-ग़म जानते हैं
जिस तरह हम ने गुज़ारी है  मोहब्बत में वो हम  जानते हैं 
जिनके करीब जाना चाहते थे वो दूर होते चले गए!
और जो दूर थे हमसे वो करीब आ गए
हुआ सवेरा तो हम उनके नाम तक भूल गए
जो बुझ गए रात में चरागों की लौ बढ़ाते हुए
हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे
तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे
मंजिलें भी जिद्दी हैं, रास्ते भी जिद्दी हैं
देखतें हैं आज क्या हो,हौंसले भी जिद्दी हे
मै क्या बताऊं कैसी परेशानियों में हूं,
काग़ज़ की एक नाव हूं और पानियों में हूं.

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
नशा है तेरे प्यार का इतना
कि तेरी ही याद में ये दिन कटता है
सकूं कहाँ ढूँढे इस जहान में!
क्यूंकि लोग दिल से भी दिमाग का काम लेते हैं
तुझे मेरी फ़िक्र नहीं मगर सारी दुनिया की फ़िक्र है 
मुझे बस तेरी फ़िक्र है और किसी की नही

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
अक्स-ए-ख़ुशबू हूँ बिखरने से न रोके कोई
और बिखर जाऊँ तो मुझको न समेटे कोई
उन्होंने कहा चाय में चीनी कितनी डालूं!
हमने कहा बस आपने छू लिया ये मीठी हो गयी!
सोचा नही था जिंदगी में ऐसे भी फसाने होंगे,
रोना भी जरूरी होगा और आसूं भी छुपाने होंगे

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
तेरा नाम ही ये दिल रटता है
ना जाने तुम पे ये दिल क्यू मरता है
शौक-ए-सफ़र कहाँ से कहाँ ले गया हमें,
हम जिस को छोड़ आये हैं मंजिल वही तो थी
दो शब्द तसल्ली के नहीं मिलते इस शहर में,
लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
शाम तक सुबह की नज़रों से उतर जाते हैं
इतने समझौतों पर जीते हैं कि मर जाते हैं
पांवों के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र,
सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं।
कौन डूबेगा किसे पार उतरना है ज़फ़र
फ़ैसला वक़्त के दरिया में उतर कर होगा

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
वफ़ाओं  से मुकर जाना हमें आया  नही अब तक 
जो  वाक़िफ़ ना हो चाहत  से हम उनसे ज़िद नही  करते
आजकल देखभाल कर होते हैं प्यार के सौदे,
वो दौर और थे जब प्यार अन्धा होता था
धागा  ख़त्म हो गया मन्नतो में  तुझे मांग कर 
धड़कने  बांध के आया हूँ अबकी  बार तेरे नाम पर 

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
मेरी आवाज़ ही परदा है मेरे चेहरे का,
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए
इतना कहाँ मशरूफ हो गए हो तुम
आजकल दिल दुखाने भी नहीं आते
कुछ टूटे हैं ख़्वाब मेरे कुछ को अब भी बुन रहा
जो उठ रही आवाज़ें मुझ पर उनको भी सुन रहा।

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
कितना अजीब सा रिश्ता है हम  दोनों के बीच 
पास  रह नहीं सकते और  दूर रहा नहीं जाता
ज़िंदगी थोड़ी बेहतर होती अगर तुम ज़िंदगी से जाते ही नहीं
थोड़ी ज़्यादा बेहतर होती अगर तुम ज़िंदगी में आते ही नहीं
गहराई जख्म की किसी को दिखाता नही हूं,
माफ़ तो कर देता हूं मगर मैं भुलाता नही हूं

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
मैन  तुझे वहां पर भी  मांगा था 
जहाँ  पर लोग अपनी खुशिया मांगते हैं 
म से बिछड़ के कुछ यूँ वक्त गुजारा,
कभी जिंदगी को तरसे कभी मौत को पुकारा
वही ज़मीन है वही आसमान वही हम तुम
सवाल यह है ज़माना बदल गया कैसे

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
वो क़त्ल कर के भी मुंसिफों में शामिल है
हम जान देकर भी जमाने में खतावार हुए
कागज़ों पर तो अदालतें चलती हैं
हमने तो आपकी आँखो के फ़ैसले मंज़ूर किये
उसने हर नशा सामने लाकर रख दिया और कहा,
सबसे बुरी लत कौन सी हैं, मैने कहा तेरे प्यार की

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ पर
सो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है
मेरी मजबूरियाँ क्या पूछते हो
कि जीने के लिये मजबूर हूँ मैं
हमारा कत्ल करने की उनकी साजीश तो देखो
गुजरे जब करीब से तो चेहरे से पर्दा हटा लिया

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ पर
सो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है
ज़िंदगी रोज़ कोई ताज़ा सफ़र मांगती है
और थकान शाम को अपना घर मांगती है
खतम हो गई कहानी, बस कुछ अलफाज बाकी हैं
एक अधूरे इश्क की एक मुकम्मल सी याद बाकी है

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
मेरे इरादे मेरी तक़दीर बदलने को काफी हैं,
मेरी किस्मत मेरी लकीरों की मोहताज़ नहीं
मेरी मजबूरियाँ क्या पूछते हो
कि जीने के लिये मजबूर हूँ मैं
हर कदम साथ चलने वाले हम कहीं खो गए
इतने करीब थे हम और अब अजनबी हो गए

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
कागज़ों पर तो अदालतें चलती हैं
हमने तो आपकी आँखो के फ़ैसले मंज़ूर किये
तितली से दोस्ती न गुलाबों का शौक है
मेरी तरह उसे भी किताबों का शौक है।
कागज़ों पर तो अदालतें चलती हैं
हमने तो आपकी आँखो के फ़ैसले मंज़ूर किये

 

हिंदी शायरी दो लाइन
हिंदी शायरी दो लाइन
मेरी  रूह तक गुलाम हो गई है तेरे  इश्क़ में 
वरना  यूँ छटपटाना, मेरी आदत तो ना थी 

Leave a Comment