[100+] बात नहीं करने की शायरी इन हिंदी-Baat Nahi Karne ki Shayari in Hindi

Best 101+बात नहीं करने की शायरी (Baat Nahi Karne ki Shayari in Hindi)

 बात नहीं करने की शायरी :- दोस्तों आज हम आपके लिए लाये हैं बात नहीं करने की शायरी इन हिंदी | Baat Nahi Karne ki Shayari in Hindi, दोस्तों कुछ वक़्त ऐसे भी आते हैं ज़िन्दगी में जब कोई आपसे बात नहीं करता या आप किसी को अच्छे से समझ चुके हैं.

जब हर कोई आपको नज़रअंदाज़ करने लगे तो इससे निपटना मुश्किल है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि वे नहीं जानते कि आपसे कैसे बात की जाए या यह हो सकता है कि वे बहुत व्यस्त हों। कारण जो भी हो, जिन लोगों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया है, वे समाज से अकेला और अलग-थलग महसूस कर सकते हैं। इस ब्लॉग पोस्ट में, हम कुछ बात नहीं करने की शायरी इन हिंदी

बात नहीं करने की शायरी इन हिंदी

ख्वाहिश-ए-ज़िंदगी बस
इतनी सी है अब मेरी
कि साथ तेरा हो और
ज़िंदगी कभी ”खत्म” न हो
उससे ऐसा भी क्या रिश्ता है
दर्द कोई भी हो
याद उसी की आती है
जिस दिन तेरी मेरी बात नहीं होती
दिन नहीं गुज़रता और रात नहीं होती
दिल का हाल बताना नहीं आता,
किसी को ऐसे तड़पना नहीं आता,
सुनना चाहते है आपके आवाज़,
मगर बात करने का बहाना नहीं आता
जिंदगी में अब बस मायुशि ही रह गयी है, जब से उन्होंने कहा हैं की मुझसे बात करनी की अब कोशिश भी मत करना
तनहाईने ही हर दर्द को पीने का सलीक़ा
सीखा दिया, मुँह मोड़ कर अपनो ने जीने
का तरीक़ा सीखा दिया
बिन बात के ही रूठने की आदत है,
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है,
आप खुश रहें, मेरा क्या है..
मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है
बात नहीं करना तो बस एक बहाना है
सच तो यह है
कि तुम्हारा हमसे जी भर गया है
आज वो कुछ रूठे-रूठे से है। दिल में कुछ बात छुपाए से है
कभी किसीसे बात करने की आदत मत डालना,
क्यों की अगर वो बात करना बंद कर दे तो,
दुबारा जीना मुश्किल हो जाता है।
मेरी पलकों की नमी इस बात की गवाह है,
मुझे आज भी तुमसे मोहब्बत बेपनाह है.
हम लोग दूर हैं इसीलिए मुलाकात नहीं करते

पहले की तरह बातों की बरसात नहीं करते

हमने सोचा कि तुम भूल गए होगे हमको पर तुम याद करते हो मगर अब बात नहीं करते

रोते हुए को हसाने की क्या सजा पा गया,
मेरी जिंदगी की खुशी उसको मिली,
और उसकी जिंदगी का हर गम,
मेरे हिस्से आ गया.
कोई किसी के बिना नही मरता, आदत की बात है. तुम्हारी भी छूट जाएगी, मेरी भी छूट जाएगी।
हम नहीं रहेंगे तो कौन मनाएगा तुझे,
इस बात से परेशान मत होइए
यार खामोशी से अच्छा तुम लड़ाई करलो कम से कम बात तो होगी
मेरे दिल में तो आज भी तुम मेरे ही हो,
ये और बात है हाथ की लकीरों ने दगा किया.
वह हमारा फोन नहीं उठाता
हमसे बात मत करो
प्यार अब नहीं रहा
इसलिए वह हमसे नहीं मिलते
न जाने हम किस तरह उन से दिल लगा बैठे
कि उनका मन ही नहीं करता हमसे बात करने का
वह बहुत भोला है, कृपया उसे समझाएं,
बात ना करने से प्यार कम नहीं होता।
बात तो वो आज भी करती है,
बस फर्क़ इतना है कल हमसे करती थी,
आज किसी और से करती है।
मुझे तुमसे बात ही नहीं करनी
ऐसा कहकर वो call काट देते हैं
मैं मनाऊं उनको ऐसा सोचकर
मेरी कॉल का इंतजार करते हैं.
तूने ही लगा दिया इलजाम-ए-बेवफाई,
अदालत भी तेरी थी गवाह भी तू ही थी।
तेरी वो यादे तेरी बाते बस तेरे ही फसाने
है हाँ.कबूल करते हैं की तुझसे मोहब्बत
कर बैठे हैं और अब हमसे बात करने का
तुम्हारे पास समय नही
हिचकियाँ कहती हैं कि
तुम याद करते हो
पर बात नहीं करोगे तो
एहसास कैसे होगा
क आरज़ू सी दिल में अक्सर छुपाये फिरता हूँ
प्यार करता हूँ तुझसे पर कहने से डरता हूँ
कही नाराज़ न हो जाओ मेरी गुस्ताखी से तुम,
इसलिए खामोश रहके भी तेरी धडकनों को सुना करता हूँ
सिर्फ़ एक सफ़ाह पलटकर उसने,
बीती बातों की दुहाई दी है,
फिर वहीं लौट के जाना होगा,
यार ने कैसी रिहाई दी है.
नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने
ही किरदार पे
अगर में तेरे हि अंदाज मे
तुझसे बात करुं
अहमियतआपकी बतानहीं सकते रिश्ता क्या है, आपसेमेरा समझा नहीं सकते.
वो दर्द ही क्या जो आँखों से बह जाए!
वो खुशी ही क्या जो होठों पर रह जाए!
कभी तो समझो मेरी खामोशी को
यार खामोशी से अच्छा तुम लड़ाई करलो कम से कम बात तो होगी
एक वक्त था जब बाते ही
खत्म नहीं होती थी,
आज सबकुछ खत्म हो गया
मगर बात ही नहीं होती
कुछ तो ख्याल करो अपना कोई गम ना करो
तुम शोख “जवानी” पर कुछ तो रहम करो
अगर कोई दिल का करीबी तुमसे बात करना बंद कर देता हैं तो सच कह रहा हूँ यार जिंदगी में जीना बहुत मुश्किल हो जाता है।
अपनी किश्मत उतनी रखिये
जितनी अदा हो सके
अगर अनमोल हो गये तो
तनहा हो जाओगे
अगर हमसे बात नहीं करना चाहते तो सीधा-सीधा बता दो, कम से कम इस दिल को इतना तो ना तड़पाओ
रूबरू होने की तो छोङिये, लोग गूफ्तगू से भी कतराने लगे है
ये जो तुम मुझसे बात नहीं करती ,

ये नफरत की निशानी है या प्यार हो जाने का डर

एक वक्त था जब बाते ही खत्म नहीं होती थी
आज सबकुछ खत्म हो गया मगर बात ही नहीं होती
मुझे तुमसे बात ही नहीं करनी
ऐसा कहकर वो call काट देते हैं
मैं मनाऊं उनको ऐसा सोचकर
मेरी कॉल का इंतजार करते हैं
बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से
हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से
तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले
कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से
इतर से कपड़ों का महकाना कोई बड़ी बात नहीं है,
मज़ा तो तब है जब आपके किरदार से खुशबु आये
बदलना नहीं आता हमें मौसम की तरह,
हर एक रूप मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ ||
ना तुम समझ सको कयामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हे इतना प्यार करते है
कॉल नहीं कर सकता
संदेश नहीं दे सकता
लेकिन मैं एक काम कर सकता हूँ
मैं तुम्हें याद कर सकता हूँ
एक वक्त था जब बाते ही
खत्म नहीं होती थी,
आज सबकुछ  खत्म हो गया
मगर बात ही नहीं होती.
तेरी हर बात मेरे दिल को छू कर निकलती हैं,
इसीलिए मुझसे सोच समझ कर बात करना…!
कही आप की बातें मेरा दिल को तोड़ न दे
मेरे दिल की दुनिया पे तेरा ही राज था।
कभी तेरे सीर पर भी वफाओ का ताज था।
तूने मेरा दिल तोडा पर पता न चला तुझको।
क्योंकि टुटा दिल दीवाने का बे आवाज था।
 यूँ बात -बात पर जान हाज़िर मत कीजिये जनाब,
 लोग मतलबी होते है कहीं माँग न ले.
अरे कैसी मेरी मजबूरी है call भी नहीं
कर सकता,दिल में दर्द बोहोत है लेकिन
रो भी नहीं सकता
बातें तो हर कोई समझ लेता है,
मगर हम वो चाहते है
जो हमारी ख़ामोशी को समझे
इसी बात ने उसे शक में डाल दिया हो शायद,
इतनी मोहब्बत, उफ्फ कोई मतलबी हीं होगा.
रवैया और गहने रखने की चीज है,
इस तरह, बात सभी को नहीं दिखाई जाती है
जब कोई आपसे बात काम करने लगे तो समझना की वो किसी और से बात ज्यादा करने लगा है
हर बात पर अब तुम रूठने लगे हो, शायद मुझसे बोर हो गए हो इसलिए बात ना करने का बहाना ढून्ढ रहे हो
हिचकियाँ कहती हैं कि तुम याद करते हो…

पर बात नहीं करोगे तो एहसास कैसे होगा

बदलना नहीं आता हमें मौसम की तरह
हर एक रूप मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ
ना तुम समझ सको कयामत तक
कसम तुम्हारी तुम्हे इतना प्यार करते है
कुछ दिन बात ना करने से कोई बेगाना
नहीं होता कोई भी दोस्त इतना पुराना
नहीं होता दोस्ती में गिले-शिकवे तो चलते
रहते हैं पर इसका मतलब दोस्तों को
भुलाना नहीं होता
बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी
बात होती है,वो हजारो रातों में वो एक
रात होती है,जब निगाहें उठा कर देखते हैं
वो मेरी तरफ,तब वो ही पल मेरे लीये पूरी
कायनात होती है।
कितना फर्क हैं ना हम दोनो की चाहत में..
मुझे तुम्हे याद करने से फुर्सत नही और
तुम्हे मुझे याद करने की फुर्सत नही।
उसके सिवा किसी को चाहना मेरे बस में नहीं
ये दिल उसका है अपना होता तो बात और थी
मोहब्बत का कोई कसूर नहीं
उसे तो मुझसे रूठना ही था
दिल मेरा शीशे सा साफ़
और शीशे का अंजाम तो
टूटना ही था
जिल पाना तो बहुत दूर की बात है,
गुरूर में रहोगे तो रास्ते भी न देख पाओगे.
अजीब है मोहबत भी ये बात नहीं करते हो तुम।

पर फिर भी दिल में फ़िक्र तुम्हारी है

उससे ऐसा भी क्या रिश्ता है
दर्द कोई भी हो याद
उसी की आती है
ज़रूरी नहीं है कि तू मेरी हर बात समझे,
ज़रूरी ये है कि तू मुझे कुछ तो समझे.
औरत की इज्जत करो, इसलिए नहीं
की वो औरत है बल्कि ये साबित करने
के लिए कि आपकी परवरिश एक
अच्छी माँ ने की है
दर्द की वो बात नहीं करते है। दर्द तो तब होता है जब वो देख कर इग्नोर करते है।
आप हम से बात नहीं करते
और हम आप के बिना
कोई ख्वाब नहीं देखा करते
रूबरू होने की तो छोङिये, लोग ”गूफ्तगू” से भी कतराने लगे हैं…
गुरूर ओढ़े हैं रिश्ते, अपनी ‘हैसियत’ पर इतराने लगे हैं
जिनके बिना एक पल भी नहीं गुजरता,
देखो उसके बिना कल दिवाली बीत गई

मुझे एक ऐसा ताबीज चाहिये,
जो मुझे उससे मिला दे या फिर भुला दे

दिल का दर्द दिल तोड़ने वाला क्या जाने,
प्यार के रिवाजों को ये ज़माना क्या जाने,
होती है इतनी तकलीफ लड़की पटाने में,
ये घर बैठा उसका बाप क्या जाने
आप हम से आप हम से बात नहीं करते और हम आप के बिना कोई ख्वाब नहीं देखा करते
कुछ दिन बात ना करने से कोई बेगाना
नहीं होता कोई भी दोस्त इतना पुराना
नहीं होता दोस्ती में गिले-शिकवे तो चलते
रहते हैं पर इसका मतलब दोस्तों को
भुलाना नहीं होता
ना जाने ये कैसा तरीका है तुम्हारे
प्यार करने का
की तुम्हारा मन ही नहीं करता
हमसे बात करने का
नादान है बहुत वो ज़रा
समझाइए उसे
बात न करने से मोहब्बत
कम नहीं होती
खुद का भी हाल देखने की फुरसत नहीं है मुझे

और वो औरो से बात करने का इलज़ाम लगा रहे है

मैं अब प्यार भी नहीं करता
जब वे बात नहीं करते
हम कराहते रहते हैं
वे खेलों का जवाब नहीं देते
जब कोई आपसे बात काम करने लगे तो समझना की वो किसी और से बात ज्यादा करने लगा है।
ना जाने उनकी ऐसी क्या मज़बूरी आ गयी हैं हमसे बात करने में उन्हें बड़ी दिक्कत आ रही हैं
आप हम से बात नहीं करते और हम आप के बिना कोई ख्वाब नहीं देखा करते
दिल का दर्द दिल तोड़ने वाला क्या जाने
प्यार के रिवाजों को ये ज़माना क्या जाने
होती है इतनी तकलीफ लड़की पटाने में
ये घर बैठा उसका बाप क्या जाने
सुना है वो जाते हुए कह गये, के अब
तो हम सिर्फ़ तुम्हारे ख्वाबो मे आएँगे,
कोई कह दे उनसे के वो वादा कर ले,
हम जिंदगी भर के लिए सो जाएँगे
आप हम से बात नहीं करते,
और हम आप के बिना,
कोई ख्वाब नहीं देखा करते।
बात तो वो आज भी करती है,
बस फर्क़ इतना है, कल हमसे करती थी,
आज किसी और से करती है।
सुना है वो जाते हुए कह गये, के अब
तो हम सिर्फ़ तुम्हारे ख्वाबो मे आएँगे,
कोई कह दे उनसे के वो वादा कर ले,
हम जिंदगी भर के लिए सो जाएँगे
ज़रा सा बात करने का सलीक़ा सीख लो तुम भी
इधर तुम होठ हिलाते हो उधर दिल टूट जाते है.
उनसे मिलने को जो सोचों अब वो ज़माना नहीं,
घर भी कैसे जाऊं अब तो कोई बहाना नहीं,
मुझे याद रखना कहीं तुम भुला न देना,
माना के बरसों से तेरी गली में आना-जाना नहीं।
बातें तो हर कोई समझ लेता है
मगर हम वो चाहते है जो हमारी
ख़ामोशी को समझे
बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी
बात होती है,वो हजारो रातों में वो एक
रात होती है,जब निगाहें उठा कर देखते हैं
वो मेरी तरफ,तब वो ही पल मेरे लीये पूरी
कायनात होती है
बात नहीं करना सिर्फ एक
बहाना था उनका
असली मंज़िल तो हमें
रुलाना था उनकी
नकी अपनी मर्जी है जो हमसे बात करते है

और हमारा पागलपन तो देखो जो उनकी मर्जी का इंतज़ार करते है

रूबरू होने की तो छोड़िए,
लोग गूफ्तगू से भी कतराने लगे हैं,
गुरूर ओढे हैं रिश्ते,
अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं।
बहुत नादान है वो,
कोई समझाओ उसे,
बात ना करने से इश्क कम नहीं होता
जब अपना मतलब पूरा हो जाता हैं तो अक्सर लोग दूसरे शक्श से बात करना बंद कर देते है
तूने फेसले ही फासले बढाने वाले
किये थे वरना कोई नहीं था तुजसे
ज्यादा करीब मेरे
सौ दीपक जले थे, फिर भी
मेरी शाम अधूरी है तेरे बिना
जरा सी बात पर यूं रुठा नही करते । फूल भी वही सुन्दर लगते हैं जो शाख से नहीं टूटते
ख्वाहिश-ए-ज़िंदगी बस इतनी सी है अब मेरी,
कि साथ तेरा हो और ज़िंदगी कभी खत्म न हो
कभी किसीसे बात करने की आदत मत डालना,
क्यों की अगर वो बात करना बंद कर दे तो,
दुबारा जीना मुश्किल हो जाता है।
ख्वाब था तुझे पाने का
अहसास था तेरे दिल दुखाने का
यूँ ही दिल तोडना तेरी फितरत हैं
या शौख हैं दिलो को आजमाने का
तरस जाओगे मेरे लबों से कुछ सुनने को,
बात करना तो दूर हम शिकायत भी नहीं करेंगे।
जीवन के पाठ बहुत जल्दी सीखो,
गरीब बच्चे बात करने की जिद नहीं करते
बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी
बात होती है,वो हजारो रातों में वो एक
रात होती है,जब निगाहें उठा कर देखते हैं
वो मेरी तरफ,तब वो ही पल मेरे लीये पूरी
कायनात होती है

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